रिपोर्ट में दावा- भारत के गांवों में बढ़ रही है गरीबी, बिहार-झारखंड की स्थिति खराब | Report claims Poverty is increasing in villages of India Bihar-Jharkhand situation deteriorated

News


शहरी गरीबी में आई कमी

शहरी गरीबी में आई कमी

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ सालों से बिहार, झारखंड, और ओडिशा में ग्रमीण गरीबी वृद्धी दर में तेजी दर्ज की गई है। भारत में 1980 के दशक में चलाई गई उच्च विकास प्रक्षेपवक्र से गरीबी दर में लगातार गिरावट आई है लेकिन कुछ वर्षों से इसमें फिर बढ़ोतरी देखी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वर्ष 2011 से 2012 के बीच ग्रमीण गरीबी में लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धी हुई जबकि इसी समय अंतराल में शहरी ग्रमीण गरीबी 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

दक्षिणी राज्यों में कम गरीब

दक्षिणी राज्यों में कम गरीब

एनएसओ रिपोर्ट के मुताबिक पिछले आधे दशक में ग्रामीण गरीबी काफी बढ़ी है जबकि शहरों में गरीबों की सख्या कम हुई है। गांव के गरीबों की बात करें तो वर्ष 2017 से 2018 के बीच इनकी संख्या बढ़कर 23 फीसदी तक पहुंच गई हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 3 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे आ गए हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने बताया कि जांच में हमने पाया कि राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग राज्यों में गरीबी दर में अंतर है। पिछले कुछ वर्षों में पूर्व और उत्तर-पूर्व के कई राज्यों में गरीबी में तेजी देखी गई है, जबकि दक्षिणी राज्यों (कर्नाटक को छोड़कर) में गरीबी की दर में कमी आई है।

बिहार सहित इन राज्यों में बढ़ी गरीबी

बिहार सहित इन राज्यों में बढ़ी गरीबी

अकेले बिहार में ही वर्ष 2011-12 और 2017-18 के बीच गरीबी में सबसे बड़ी वृद्धि देखी गई, जिसमें गरीबी दर 17 प्रतिशत बढ़कर 50.47 प्रतिशत हो गई। बाकि बड़े राज्यों की बात करें तो झारखंड (8.6 प्रतिशत), ओडिशा (8.1 प्रतिशत) और कई अन्य राज्यों में गरीबी दर वृद्धी में तेजी देखी गई है। बता दें कि, गरीबी दर से तात्पर्य उस आबादी के हिस्से (प्रतिशत) से है जो गरीबी रेखा से नीचे है। झारखंड और ओडिशा दोनों का 40 प्रतिशत से अधिक गरीबी रेखा से नीचे आता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *