मध्य प्रदेश हनी ट्रैपिंग केस: अखबार के संपादक पर 10000 का इनाम घोषित | MP honey trapping case: Police declare 10000 rs reward on the editor.

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के अखबार सांझा लोकस्वामी के दफ्तर में पुलिस ने छापेमारी करने के बाद इसके इंदौर ऑफिस को सीज कर दिया था। जिसके बाद इदौर पुलिस ने सोमवार को अखबार के संपादक पर 10000 रुपए का इनाम घोषित किया है। बता दें कि जितेंद्र सोनी ना सिर्फ अखबार के संपादक हैं बल्कि वह इसके मालिक भी हैं। सांझा लोकस्वामी अखबार शाम को आता है और यह अखबार ने लीक वीडियो व ऑडियो के आधार पर हनीट्रैपिंग की खबर छापी थी, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में अखबार के दफ्तर, सोनी के घर व उनके तमाम ठिकानों पर छापा मारा था। पुलिस ने ना सिर्फ अखबार बल्कि जितेंद्र सोनी को होटल व बार में भी छापेमारी की थी।

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दफ्तर सीज

पुलिस की छापेमारी के बाद लगातार दूसरे दिन यह अखबार नहीं छपा क्योंकि प्रशासन ने अखबार के दफ्तर को सीज कर दिया है। सोनी के बेटे अमित जिसे रविवार को गिरफ्तार किया गया था उसे 6 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। दरअसल अखबार में कुछ विवादित तस्वीरें छपी थी और अखबार की वेबसाइट पर एक वीडियो क्लिप को साझा किया गया था, जिसमे कहा गया था कि और खबरें जल्द आ रही हैं। जिसके बाद पुलिस और 9 विभाग के अधिकारियों जिसमे राजस्व, एक्साइज, फूड, निकाय के अधिकारी शामिल थे, उन्होंने सोनी के बिजनेस पर छापा मारा।

केस दर्ज

छापेमारी के बाद पुलिस ने मानव तस्करी, बिल्डिंग, पार्किंग नियमों का उल्लंघन और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। दरअसल अखबार के खिलाफ पूर्व सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर हरभजन सिंह ने आईटी एक्ट के तहत शिकायत की थी। अखबार ने इंजीनियर की दो महिलाओं के साथ तस्वीर छाप दी थी। इंदौर की एसएसपी रुचि वर्धन मिश्रा ने कहा कि ऑफिस के लॉकर्स की अभी भी तलाश की जा रही है और पुलिस बाद ही पुलिस इस बात की जानकारी देगी कि छापेमारी में उसे क्या मिला है।

ब्लैकमेलिंग का आरोप

पुलिस ने बताया कि सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि महिला के साथ बार में शोषण हुआ और लोगों को उनकी तस्वीर दिखाकर ब्लैकमेल किया गया है। माना जा रहा है कि पुलिस ने कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी जब्त किए हैं जोकि सोनी के नाम पर रजिस्टर नहीं थे। पुलिस का मानना है कि ब्लैकमेलिंग और फिरौती से संबंधित यह छापेमारी की गई है। वहीं इन सब के बीच इंदौर हाई कोर्ट को इस बारे में एडवोकेट जनरल शशांक शेखर ने जानकारी दी है। कोर्ट इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की याचिका पर सुनवाई कर रही है।

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